12 आरोपों की जांच के बाद शासन का बड़ा फैसला, नगर पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप और नियमों के उल्लंघन समेत कई मामलों में कार्रवाई
अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग ने अंबेडकरनगर की नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के अध्यक्ष ओमकार गुप्ता को उनके पद से पदच्युत करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन की ओर से जारी कार्यालय ज्ञाप संख्या I/1441816/2026/E-1909243 दिनांक 22 अगस्त 2026 में चेयरमैन के विरुद्ध की गई जांच और विभिन्न आरोपों पर विस्तृत विचार के बाद यह कार्रवाई की गई है।
12 आरोपों की हुई जांच
शासन के आदेश में बताया गया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता के खिलाफ कुल 12 आरोपों से संबंधित प्रकरण की जांच की गई। जांच में नगर पंचायत के प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप, कर्मचारियों से संबंधित निर्णय, हड़ताल के दौरान वेतन भुगतान के लिए अधिकारियों पर दबाव, नियमों के विपरीत निर्णय लेने तथा नगर पंचायत के हितों के प्रतिकूल कार्य करने जैसे आरोपों पर विचार किया गया।
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर शासन ने माना कि अध्यक्ष के रूप में ओमकार गुप्ता द्वारा उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया। आदेश में कई आरोपों को सिद्ध पाए जाने का उल्लेख किया गया है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का भी मामला
प्रकरण में नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों से जुड़ा मामला भी प्रमुख है। आदेश के मुताबिक कर्मचारियों को नगर निकाय के कार्यों से विरत रहने का निर्देश दिए जाने और इसके बाद हड़ताल की स्थिति पैदा होने का उल्लेख जांच में किया गया।
शासन ने माना कि हड़ताल की अवधि में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और इससे नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अशरफपुर किछौछा स्थित धार्मिक स्थल के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का भी आदेश में उल्लेख है।
अधिकारियों पर वेतन भुगतान को लेकर दबाव बनाने का आरोप
जांच में यह आरोप भी शामिल था कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों को पूर्ण वेतन दिए जाने के लिए तत्कालीन अधिशासी अधिकारी पर दबाव बनाया गया। जांच अधिकारी के निष्कर्ष में इस आरोप को भी सिद्ध पाया गया और इसे अध्यक्ष के पद संबंधी कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर चूक माना गया।
टेंडर और फर्म को छूट देने का मामला
आदेश में नगर पंचायत के एक टेंडर से संबंधित प्रकरण का भी जिक्र है। इसमें एक विशेष फर्म को टर्नओवर और अनुभव में छूट दिए जाने तथा शासनादेश के विपरीत प्रक्रिया अपनाए जाने के आरोप की जांच की गई।
जांच में इस संबंध में अध्यक्ष के प्रत्युत्तर को स्वीकार योग्य नहीं माना गया और आरोप को सिद्ध पाया गया।
सभासद से जुड़े आरोप पर भी जांच
एक अन्य आरोप में नगर पंचायत के वार्ड नंबर-3 के सभासद विनोद कुमार के साथ जातिसूचक शब्दों के प्रयोग, जानलेवा हमला और धमकी से संबंधित आरोप का उल्लेख है। आदेश के अनुसार इस मामले में स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज होने तथा मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का उल्लेख किया गया है। इसी वजह से शासन ने इस आरोप पर अलग से टिप्पणी न करने की बात कही।
न्यायालय की सजा का भी आदेश में उल्लेख
शासन के आदेश में यह भी उल्लेखित है कि 8 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, अंबेडकरनगर द्वारा ओमकार गुप्ता को दोषसिद्ध करते हुए तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया था। आदेश में संबंधित धाराओं के तहत दी गई सजा का भी विवरण दर्ज है।
इसके बाद मामले में हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दाखिल की गई। शासन के आदेश के अनुसार हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत को बरकरार रखा, लेकिन दोषसिद्धि पर कोई विशेष स्थगन आदेश पारित नहीं किया गया था। शासन ने इसी स्थिति को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के संदर्भ में भी विचार में लिया।
शासन ने क्या फैसला लिया?
पूरे प्रकरण की जांच, जिलाधिकारी अंबेडकरनगर की रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के बाद शासन ने निष्कर्ष निकाला कि ओमकार गुप्ता द्वारा अध्यक्ष पद के कर्तव्यों के निर्वहन में चूक की गई तथा उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 48 के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ।
इसके बाद उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 48(2) के तहत ओमकार गुप्ता को नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के अध्यक्ष पद से पदच्युत किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पद से पदच्युत किए जाने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष की शक्तियों और कृत्यों का प्रयोग जिला मजिस्ट्रेट अंबेडकरनगर या उनके द्वारा नामित किसी अधिकारी, जिसे ‘प्रशासक’ कहा जाएगा, द्वारा किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई एक दिन में नहीं हुई। शासन के आदेश में वर्ष 2025 से लेकर अगस्त 2026 तक चली शिकायत, कारण बताओ नोटिस, जवाब, जांच, न्यायालयी कार्यवाही और व्यक्तिगत सुनवाई की पूरी प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। ओमकार गुप्ता को अपना पक्ष रखने के लिए कई अवसर दिए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है।
22 अगस्त 2026 को जारी शासनादेश के बाद अब अशरफपुर किछौछा नगर पंचायत की अध्यक्षी ओमकार गुप्ता के हाथ में नहीं रहेगी और नगर पंचायत का संचालन शासन के आदेशानुसार प्रशासक के माध्यम से किया जाएगा।
