अंबेडकर नगर: परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का सपना लेकर दुबई गए अंबेडकर नगर जिले के टांडा क्षेत्र के जोत अफजल (पोस्ट ब्राहिमपुर कुसुमा) निवासी रोहित राजभर (28) पुत्र विफई की इलाज के दौरान दुबई में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर भारत लाया गया, जिसके गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि रोहित राजभर 28 जनवरी 2026 को अपने चार साथियों के साथ दुबई की एक निजी कंपनी में नौकरी करने गए थे। विदेश जाने की प्रक्रिया में प्रत्येक युवक का लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च हुआ था। परिजनों के अनुसार रोहित पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में घर से गए थे तथा भारत और दुबई दोनों स्थानों पर उनकी मेडिकल जांच भी सफल रही थी।
परिवार के मुताबिक 24 अप्रैल को काम के दौरान रोहित दिमागी बुखार की चपेट में आ गए, जिसके बाद कंपनी द्वारा उन्हें अल रशीद अस्पताल में भर्ती कराया गया। काफी समय तक परिजनों को उनकी स्थिति की सही जानकारी नहीं मिल सकी।
मई माह में खेतापुर के ग्राम प्रधान खलीक अहमद के माध्यम से परिवार ने सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन से संपर्क किया। वहीं ग्राम प्रधान रजितराम और रामजनम ने भी पूरे मामले की जानकारी आबिद हुसैन को दी। इसके बाद उनके प्रयासों से मामला दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के संज्ञान में पहुंचा। दूतावास के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने परिवार और ग्राम प्रधान से संपर्क कर रोहित की स्थिति से अवगत कराया।
इलाज के दौरान रोहित की हालत में सुधार नहीं हो सका और 11 जून की शाम कंपनी तथा अस्पताल प्रशासन ने उनके निधन की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद रोहित के भाई रामजनम और ग्राम प्रधान रजितराम ने आवश्यक नोटरीकृत दस्तावेज तैयार कर दुबई भेजे।
सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन ने भारतीय वाणिज्य दूतावास की मृत्यु संबंधी हेल्पलाइन से संपर्क कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराईं। दूतावास और हेल्पलाइन के सहयोग से रोहित का पार्थिव शरीर भारत लाया गया। शुक्रवार सुबह रामजनम और ग्राम प्रधान रजितराम ने लखनऊ हवाई अड्डे पर शव प्राप्त किया।
पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भारी भीड़ के बीच गमगीन माहौल में अंतिम दर्शन किए गए। रोहित के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन ने भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग की सराहना की।
