लखनऊ: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल संसद में दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया। भले ही संसद में महिला आरक्षण बिल गिर गया हो, लेकिन बीजेपी ने अब विपक्ष के खिलाफ इसे मुद्दा बना लिया हैं। राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन हो या फिर लखनऊ में सपा-कांग्रेस के झंडे को जलाया गया हो भाजपा हर तरफ से विपक्ष को घेरना चाहती हैं।
लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एनडीए दलों ने पैदल मार्च किया और जमकर विपक्षी दलों को कोसते हुए महिला विरोधी बताया हालांकि विपक्ष चिल्ला चिल्ला कर बता रहा हैं कि महिला आरक्षण बिल तो पहले ही आ चुका भाजपा सरकार केवल बरगलाने का काम कर रही है लेकिन भाजपा की रणनीति के सामने विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के सभी बयान फीके पड़ जा रहे हैं।
हालांकि समाजवादी पार्टी पीडीए के माध्यम से लगातार सरकार पर हमलावर है और वो अपने मुद्दे से हटना नहीं चाहते हैं। आज लखनऊ में एक तरफ बीजेपी पैदल मार्च कर रही थी तो दूसरी तरफ सपा दफ्तर पर अखिलेश यादव प्रेस वार्ता कर रहे थे। इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी बलिया की सीमा राजभर को समाजवादी पार्टी की महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया।
सीमा राजभर के सहारे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पिछड़े वर्ग को एक बड़ा संदेश दिया है और सत्ताधारी दलों के नेताओं (जोकि बलिया के रहने वालें हैं) को एक बड़ा संदेश दिया हैं।
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