उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला आरक्षण को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है। बसपा सुप्रीमो Mayawati ने कहा है कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के मुद्दे पर पहले से ही अपने स्टैंड पर कायम है और इस विषय पर किसी तरह का धरना-प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है।
मायावती ने कहा कि बसपा हमेशा महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की पक्षधर रही है। पार्टी संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की समर्थक है, लेकिन इसका राजनीतिक लाभ उठाने के लिए दिखावटी आंदोलन करना बसपा की नीति नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ दल महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं, जबकि बसपा इस मुद्दे पर शुरू से गंभीर रही है। पार्टी का मानना है कि महिलाओं को राजनीतिक हिस्सेदारी देने के लिए ठोस और ईमानदार प्रयास होने चाहिए।
मायावती ने यह भी कहा कि बसपा जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटती, लेकिन जहां सिद्धांत और नीति पहले से स्पष्ट हो, वहां अनावश्यक प्रदर्शन करने का कोई औचित्य नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर बयान देकर बसपा ने प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता का संकेत दिया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर अन्य दलों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है।
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