लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को रविवार को एक साथ 60,244 नए सिपाही मिले। प्रदेशभर के 112 प्रशिक्षण केंद्रों पर पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने दीक्षांत परेड की सलामी ली और प्रशिक्षु आरक्षियों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण करते नजर आए। इस दौरान महिला जवानों की टुकड़ी ने भी शानदार सलामी दी। समारोह में पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna, लखनऊ पुलिस कमिश्नर Amrendra Kumar Sengar, अपर मुख्य सचिव गृह Sanjay Prasad और राज्यसभा सांसद Dinesh Sharma भी मौजूद रहे।
2017 से पहले दंगे और कर्फ्यू, अब पहले ही नियंत्रण: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू आम बात थे, लेकिन आज उत्तर प्रदेश पुलिस ऐसी क्षमता विकसित कर चुकी है कि दंगे होने से पहले ही उन्हें रोकने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी है।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में गुंडा टैक्स और अवैध वसूली जैसी घटनाएं समाप्त हो चुकी हैं। अपराधियों के मन में पुलिस का भय है और पुलिस का मनोबल ऊंचा हुआ है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल 13 प्रतिशत से बढ़कर 26 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में 20 प्रतिशत बेटियों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
दीक्षांत परेड में बड़ी संख्या में महिला आरक्षियों की भागीदारी पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां बेटियां होंगी, वहां जरूर जाऊंगा।”
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 से महिला सुरक्षा को लेकर लगातार काम किया जा रहा है और हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही पीएसी की तीन महिला बटालियन भी गठित की गई हैं।
पुलिस बजट तीन गुना, प्रशिक्षण क्षमता में बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 की तुलना में पुलिस बजट तीन गुना बढ़ाया गया है। पहले प्रदेश में प्रशिक्षण क्षमता केवल 3 हजार जवानों की थी, जबकि अब 60 हजार से अधिक जवानों को उत्तर प्रदेश में ही प्रशिक्षित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को आधुनिक हथियारों और संसाधनों से प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें इंसास राइफल जैसे आधुनिक हथियार भी शामिल हैं।
अनुशासन ही यूनिफॉर्म की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की वर्दी की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि वे अपराधियों के लिए कठोर, लेकिन आम नागरिकों के लिए संवेदनशील बनें।
उन्होंने कहा, “प्रशिक्षण में जितना पसीना बहता है, भविष्य में उतना ही कम खून बहाने की जरूरत पड़ती है।”
उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने सभी नवप्रशिक्षित सिपाहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ये जवान Uttar Pradesh Police की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।
