बसखारी: क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री सिद्धेश्वर धाम में आयोजित 11 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत चल रही 9 दिवसीय श्रीराम कथा दिन-ब-दिन श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। कथा के प्रचार-प्रसार में समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन कथा सुनने पहुंच रहे हैं। अनुष्ठान के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
कथा के तीसरे दिन कथा व्यास डॉ. चंद्रांशु महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने ईश्वर के प्रति हमेशा आस्था और विश्वास बनाए रखना चाहिए। जब मन में सच्ची श्रद्धा होती है तो जीवन के दुख और कठिनाइयाँ भी आसानी से कट जाती हैं और हमें इसका आभास तक नहीं होता।
उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि श्रीराम के पूरे परिवार के चरित्र को देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि चक्रवर्ती सम्राट की कुर्सी किस तरह एक गेंद की तरह इधर से उधर लुढ़कती रही। इसके विपरीत आज के समय में लोग थोड़ी सी संपत्ति और ऐश्वर्य के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। श्रीराम ने समाज की भलाई के लिए राजसिंहासन का त्याग किया और रावण जैसे अहंकारी का वध कर समाज को एकता और धर्म का संदेश दिया।
डॉ. चंद्रांशु महाराज ने कहा कि हम सभी को अपने देश, धर्म और समाज के लिए सजग प्रहरी की भूमिका निभानी होगी। तभी हम मानव से महामानव बनने की यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर पाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्याम बाबू ने कहा कि माता-पिता को चाहिए कि वे अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भले ही दौलत, बंगला या कार न दें, लेकिन उन्हें अच्छे संस्कार अवश्य दें। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों के अंदर संस्कार होंगे तो वे अपने जीवन में हर सुख-सुविधा स्वयं अर्जित कर लेंगे और बुढ़ापे में माता-पिता के प्रति प्रेम और सहयोग की भावना भी बनाए रखेंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो दुनिया की कोई भी ताकत माता-पिता को वृद्धाश्रम जाने से नहीं रोक सकती।
धाम के महंत स्वामी कृष्णन दास ने सभी भक्तों से अपील करते हुए कहा कि यह अनुष्ठान क्षेत्र की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं और क्षेत्र की खुशहाली में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सुरेंद्र ग्राम प्रधान लखनपुर, प्रदीप सिंह प्रधान साबुकपुर, कुलदीप सिंह (पूर्व प्रधान), वीरेंद्र निषाद, राजेंद्र जायसवाल, ऋषभ जायसवाल, अमन, पीयूष उपाध्याय, राम केदार यादव, बाबू बच्चा सिंह, राजू गुप्ता, विकास पांडे, कमलेश साहू, गगन मौर्य, सर्वेश सिंह, लालजी यादव, आचार्य अर्जुन, राम प्रसाद सोनकर, राजितराम यादव, सूरज पांडे, रूपेश सिंह, संतोष खत्री, दिलीप सोनी, महेंद्र जायसवाल तथा लखनऊ से डॉ. माया राजपूत सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
