लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों और पंचायती राज विभाग की प्रभावी कार्यशैली के चलते स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देते हुए सरकार ने शौचालय निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन और जनजागरूकता के माध्यम से गांवों की तस्वीर बदलने का काम किया है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश को 100 प्रतिशत ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) राज्य घोषित किया जा चुका है। यह उपलब्धि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता, पंचायती राज विभाग की सक्रियता और ग्रामीणों की भागीदारी का परिणाम है।
हजारों गांव बने ODF+
मिशन के द्वितीय चरण (फेज-2) में ओडीएफ के स्थायित्व के साथ-साथ स्वच्छता के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश की ग्राम पंचायतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए स्वच्छता के नए मानक स्थापित किए हैं।
वर्तमान में प्रदेश के 95,767 गांवों ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के साथ स्वयं को ODF+ घोषित किया है, जबकि 94,723 से अधिक गांवों को आधिकारिक रूप से ODF+ का दर्जा प्राप्त हो चुका है। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति बढ़ती जागरूकता और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था को दर्शाती है।
देश में सर्वाधिक शौचालय निर्माण वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रथम चरण के अंतर्गत प्रदेश में 2.74 करोड़ से अधिक इज्जत घर (व्यक्तिगत शौचालय) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक शौचालय निर्माण करने वाला राज्य बनकर उभरा है।
वहीं मिशन के द्वितीय चरण (फेज-2) के अंतर्गत अब तक 57,25,291 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से 59,165 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण भी किया गया है, जिससे गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
सरकार की प्राथमिकता है ग्रामीण स्वच्छता
पंचायती राज मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ग्रामीण स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण के साथ-साथ उनके नियमित उपयोग, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतें स्वच्छता के क्षेत्र में देश के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं, और सरकार भविष्य में भी इस दिशा में लगातार कार्य करती रहेगी।
जनभागीदारी से बना स्वच्छता अभियान जन आंदोलन
पंचायती राज विभाग के निदेशक श्री अमित कुमार सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अब एक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।
उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य अब अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को ODF Plus की श्रेणी में शामिल करना और स्वच्छता को लोगों की स्थायी आदत बनाना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, पंचायतों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश स्वच्छता के क्षेत्र में आगे भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
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