लखनऊ में सरकारी प्राथमिक स्कूलों के मर्जर के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य भवन चौराहे पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और AAP कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई। पार्टी ने एलान किया है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
लखनऊ में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर (विलय) के फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। स्वास्थ्य भवन चौराहे पर पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे और योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन AAP कार्यकर्ता पुलिस अवरोध को पार करने का प्रयास करते रहे। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “सरकारी स्कूलों का मर्जर शिक्षा को कमजोर करने की साजिश है। इससे गरीब और ग्रामीण तबके के बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा।” पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार शिक्षा का निजीकरण करना चाहती है, जो जनविरोधी कदम है।
यह प्रदर्शन सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं रहा। आम आदमी पार्टी के बैनर तले प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ यह आंदोलन चलाया गया, जिसे पार्टी ने देशव्यापी विरोध का हिस्सा बताया। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने स्कूल मर्जर का फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
AAP नेताओं ने कहा कि “योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली है, लेकिन आम आदमी पार्टी सड़क से सदन तक विरोध करेगी और जनता के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी।”
प्रशासन की ओर से फिलहाल प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है, वहीं पार्टी नेतृत्व ने अगला आंदोलनात्मक कदम जल्द घोषित करने की बात कही है।
Lucknow: निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का जोरदार प्रदर्शन
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