बसखारी (जलालपुर रोड): रमज़ान के पाक महीने में तरावीह की नमाज़ के दौरान आयशा मस्जिद में आज खात्मे कुरआन पाक की पुरनूर तकरीब संपन्न हुई। इस मौके पर हाफिज राहिल ने बेहद खूबसूरत अंदाज में कुरआन पाक की मुकम्मल तिलावत की। उनकी मधुर और रूहानी तिलावत सुनकर मस्जिद में मौजूद सभी लोगों के दिल इमान और सुकून से भर गए।
रमज़ान के दौरान हर रात 8:30 बजे आयशा मस्जिद में तरावीह की नमाज़ अदा की जाती है, और आज खात्मे कुरआन पाक के मुबारक मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय नमाज़ी और रोज़ेदार शामिल हुए। जैसे ही हाफिज राहिल शाहब ने आखिरी आयत तिलावत की, पूरे माहौल में अल्लाह की रहमत और बरकत का एहसास छा गया।

इस खास मौके पर मस्जिद के इमाम और मुअज्जिन आज़म खान भी मौजूद रहे। नमाज़ियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें गले लगाकर मुबारकबाद दी और उनके लिए दुआएं कीं। मस्जिद प्रशासन ने भी इस रूहानी जलसे की खास तैयारियां की थीं, जिससे सभी नमाज़ियों को इबादत का बेहतरीन माहौल मिला।
खात्मे कुरआन पाक के बाद सामूहिक दुआ कराई गई, जिसमें अमन, खुशहाली और पूरी उम्मत-ए-मुस्लिमा के लिए बरकत की दुआ मांगी गई। रमज़ान के इस पाक मौके पर लोगों ने ज्यादा से ज्यादा इबादत करने और नेक अमल अपनाने का संकल्प लिया।
मस्जिद के इमाम साहब ने तकरीर के दौरान रमज़ान की अहमियत और कुरआन पाक की फज़ीलत पर रोशनी डाली। उन्होंने सभी मुसलमान भाइयों को इस महीने के बाकी दिनों को इबादत, सदका और नेकियों में बिताने की नसीहत दी।
कार्यक्रम के समापन पर सभी को मुबारकबाद दी गई और मस्जिद प्रशासन की ओर से विशेष इंतेज़ामात किए गए। खात्मे कुरआन पाक की इस रूहानी महफ़िल ने पूरे इलाके में ईमान और भाईचारे की रोशनी फैलाई।
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