लखनऊ: उत्तर प्रदेश की मशहूर लोकगायिका और कवयित्री नेहा सिंह राठौर को लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस की एक टीम उन्हें पूछताछ के लिए हजरतगंज महिला थाने लेकर पहुंची है। यह कार्रवाई पिछले काफी समय से चल रहे एक कानूनी विवाद के सिलसिले में की गई है।
क्या है पूरा मामला?
नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें साल 2025 में उनके द्वारा किए गए कुछ सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुईं। मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
विवादित पोस्ट: अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नेहा ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से कई पोस्ट किए थे। आरोप है कि इन पोस्टों में धार्मिक भावनाओं को भड़काने और राष्ट्रीय अखंडता को प्रभावित करने वाली बातें कही गई थीं।
FIR और धाराएं: लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 (संप्रभुता को खतरा), 196 (समुदायों के बीच नफरत फैलाना) और 353 (सार्वजनिक शांति भंग करना) के साथ-साथ IT एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
नोटिस की अनदेखी: पुलिस का दावा है कि नेहा को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं।
अदालत से नहीं मिली राहत
नेहा सिंह राठौर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी और उन्हें पुलिस जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद बयान दर्ज न कराने पर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी थी।
वर्तमान स्थिति
सूत्रों के अनुसार, नेहा सिंह राठौर से फिलहाल महिला थाने में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद मिले तथ्यों के आधार पर उनकी औपचारिक गिरफ्तारी पर फैसला लिया जाएगा। नेहा के समर्थकों का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है, जबकि शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि उनके बयानों का इस्तेमाल सीमा पार (पाकिस्तान) से भारत विरोधी प्रोपेगेंडा के लिए किया जा रहा था।
ताजा अपडेट: पुलिस जल्द ही इस मामले में आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग कर सकती है।
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