निमटनी में ‘मल्टीटैलेंटेड’ मजदूरों का कमाल! एक चेहरा, कई मास्टर रोल — मनरेगा भी हैरान
अम्बेडकरनगर। विकासखंड भियांव की ग्राम सभा निमटनी इन दिनों सुर्खियों में है। वजह? यहां के मजदूर इतने प्रतिभाशाली निकले कि एक ही समय में कई जगह काम करते दिखाई दे रहे हैं! जी हां, 13 मास्टर रोल में कुल 115 मजदूर दर्ज — और चर्चा यह कि कई जगह एक ही चेहरे ने अलग-अलग नामों से हाजिरी लगा दी। स्थानीय पड़ताल में सामने आया कि नाम भले बदल गए हों, लेकिन फोटो में मुस्कान वही है! आरोप है कि करीब 35–40 असली चेहरों को घुमा-फिराकर 115 मजदूरों की ‘टीम’ तैयार कर दी गई। यानी फोटोशॉप नहीं, ‘फोटो-शफल’ का कमाल!
ग्रामीणों का कहना है कि 100 दिन रोजगार देने वाली केंद्र सरकार की योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) यहां “एक चेहरा–अनेक रोजगार” योजना बन गई है। नियम कहता है , एक व्यक्ति, एक समय, एक ही कार्यस्थल। लेकिन निमटनी में तो लगता है कुछ लोग टाइम मशीन लेकर आए थे! अब सवाल यह है कि क्या ये मजदूर वाकई इतने फुर्तीले हैं कि एक साथ कई जगह मौजूद रह सकें? या फिर कागज़ों में ही ‘सुपरपावर’ हासिल कर ली गई है? ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और एपीओ मनरेगा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जिले में पहले भी अनियमितताओं पर सख्ती हुई है, कहीं प्रधान के वित्तीय अधिकार तक सील हो चुके हैं। ऐसे में निगाहें अब प्रशासन पर टिकी हैं — क्या निमटनी के ‘मल्टीटास्किंग मास्टर रोल’ की असल कहानी सामने आएगी, या फिर फाइलों में ही फोटो बदलते रहेंगे? फिलहाल गांव में चर्चा जोरों पर है —
“काम कम, कमाल ज़्यादा!”
