संजय गांधी के खिलाफ उम्मीदवार थे मुजफ्फर हुसैन इंदिरा गांधी के मान-मनौवल पर कांग्रेस के टिकट पर बहराइच से लड़े थे चुनाव
किछौछा संवाददाता। मोकीम खान
किछौछा: नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के कर्मचारियों की शिकायत पर बसखारी पुलिस ने 13 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ एससी एसटी एक्ट सहित कई संज्ञेय धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला गत दिनों बोर्ड हटाने के दौरान हुए विवाद को लेकर है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दुर्गावती यादव के घर के निकट स्थित मौलाना मुजफ्फर हुसैन के नाम पर नगर पंचायत द्वारा गजट करा कर गेट बना हुआ था। उक्त गेट पर मुजफ्फर हुसैन के नाम का लगा बोर्ड नगर पंचायत कर्मचारियों द्वारा बीते बुधवार को हटाया जाने लगा जिसको लेकर विवाद हो गया
बोर्ड उतारने के प्रकरण में किछौछा दरगाह के सज्जादानशीन पर भी मुकदमा दर्ज

बोर्ड उतारने को लेकर हुए विवाद में मखदूम अशरफ के आस्ताने के सज्जादानशीन सैयद हसीन अशरफ पर एफआईआर दर्ज होने से मामला और गरमा रहा है। इस संबंध में जब सज्जादानशीन से बात की गई तो उन्होंने बताया घटना वाले दिन में मौजूद नहीं था
साइन बोर्ड हटाए जाने पर क्यों नाराज है स्थानीय नागरिक

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दुर्गावती यादव के आवास के बिल्कुल निकट किछौछा तिराहे पर लगे मौलाना मुजफ्फर हुसैन प्रवेश द्वार किछौछा नगर पंचायत के संस्थापक एवं बहराइच व मुरादाबाद से सांसद रहे मौलाना मुजफ्फर हुसैन के नाम पर इसका निर्माण 30 नवंबर वर्ष 2013 को तत्कालीन सपा शासन के दौरान शिवपाल यादव ने उद्घाटन कर किया था। सांसद मौलाना मुजफ्फर हुसैन का पैतृक आवास किछौछा में होने के चलते स्थानीय लोगों का बहुत ही पुराना एवं गहरा लगाव है। जिस नाम को परिवर्तित करने के प्रस्ताव को लेकर उन स्थानीय नागरिकों में असंतोष व्याप्त है। इसी असंतोष के चलते स्थानीय नागरिकों ने इस बोर्ड को हटाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।

संजय गांधी के खिलाफ लोकदल पार्टी ने मौलाना को बनाया था उम्मीदवार

मौलाना ने आपातकाल के दौरान जेल के कठिन यातनाएं सहीं थी। इसी कारण 1977 में उनके बेहतर रिश्ते अनन्तराम जायसवाल से हुए। इन्हीं रिश्तों के चलते 1984 के चुनाव में संजय गांधी के खिलाफ मौलाना को लोकदल ने अपना उम्मीदवार बना दिया। उम्मीदवारी के एलान ने उस समय इन्दिरा गांधी तक को सोचने पर मजबूर किया और उन्होंने मोहसिना किदवई के मार्फत मौलाना को बुलवाकर बात की और कांग्रेस से बहराइच का उम्मीदवार बनाया।नतीजतन मौलाना मुजफ्फर हुसैन के नाम के साथ सांसद शब्द भी जुड़ गया। मौलाना अपने बेमिसाल तकरीर के लिए मशहूर थे।
किछौछा की सरज़मी पर 1919 में जन्मे मौलाना पहला चुनाव अमेठी से लड़े
आजादी के बाद देश मे हुए आम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे 1954 में अमेठी से चुनाव लड़े थे। धर्म मर्मज्ञ एवं जमीनी नेता के रूप में प्रसिद्ध मौलाना मुजफ्फर हुसैन सूफी संत सैयद मखदूम अशरफ के ज्ञान रूपी प्रकाशवान क्षेत्र किछौछा में अक्टूबर 1919 में जन्मे व 10 नवम्बर 1997 को इस दुनिया से अलविदा कह गये। वह बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के अध्यक्ष व मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष पद को भी सुशोभित किये थे। मौलाना की गिनती बरेलवी सम्प्रदाय के प्रमुख मुस्लिम नेताओं में होती है। वह 1962 में मुरादाबाद व 1980 में बहराइच से सांसद बने।
नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के संस्थापक भी माने जाते हैं मुजफ्फर हुसैन
वर्ष 1982 में मौलाना सैयद मुजफ्फर हुसैन किछौछावी लोकसभा सदस्य थे और राम सिंह खन्ना जो उस समय उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री थे। मौलाना के प्रयास से किछौछा ग्रामसभा को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव रखा। उस समय किछौछा नगर पंचायत के मापदंड में नहीं आ रहा था उसके बाद भी मौलाना मुजफ्फर ने राम सिंह खन्ना जो उस समय प्रदेश के नगर विकास मंत्री थे उनसे अच्छे संबंध होने के चलते दो ग्रामसभा को जोड़ कर किछौछा को नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा बनाने का काम किया। इस तरह 1988 में नगर पंचायत की स्थापना हुई।
साफ-सुथरी छवि एवं दिग्गज नेता के रूप में भी जाने जाते थे पूर्व सांसद मुजफ्फर हुसैन
जानकार बताते हैं। साफ-सुथरी छवि के लिए पहचाने जाते थे मौलाना मुजफ्फर हुसैन सांसद के तौर पर शानदार काम किया सबके चहेते और विरोधियों का भी दिल जीत लेने वाले बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी मौलाना मुजफ्फर हुसैन का सार्वजनिक जीवन बहुत ही बेदाग और साफ सुथरा था। इसी बेदाग छवि और साफ सुथरे सार्वजनिक जीवन की वजह से मुजफ्फर हुसैन का हर कोई सम्मान करता था। उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक थे।
अम्बेडकरनगर: हरा-भरा एवं समृद्ध बनाने के लिए फलदार पौधों का वृक्षारोपण किया गया
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